पीपुल्स पावर पार्टी ने 4 अक्टूबर 2026 को एक पत्र भेजने का फैसला किया, जिसमें 1974 में युक योंग-सु पर हुए हमले से जुड़ी फिल्म ‘असैसिन्स’ को सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की उद्घाटन फिल्म के रूप में दिखाए जाने को रद्द करने की मांग की गई है। सांसद जू जिन-वू ने कहा कि ब्राज़ील और कनाडा के टोरंटो समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों से भी प्रदर्शन रद्द करने का अनुरोध करने की योजना है। उसी दिन, रूढ़िवादी संगठनों के लगभग 50 सदस्यों ने अभिनेता यू हे-जिन के घर के बाहर प्रदर्शन किया और फिल्म का प्रदर्शन रोकने तथा माफी मांगने की मांग की।
यह विवाद फिल्म की ऐतिहासिक व्याख्या को लेकर राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है। घरेलू राजनीतिक दलों ने विदेशी फिल्म महोत्सवों में फिल्म दिखाए जाने या न दिखाए जाने के फैसले में दखल देने की कोशिश की है; अभिनेता के घर के बाहर प्रदर्शन और बहिष्कार अभियान हुए हैं; और फिल्म उद्योग ने रचनाकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ‘असैसिन्स’ रिलीज़ के 11वें दिन, 3 अक्टूबर को, 20 लाख दर्शकों का आंकड़ा पार कर गई, लेकिन दर्शकों की संख्या से फिल्म को लेकर विवाद की प्रकृति तय नहीं होती।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सांसद जू जिन-वू ने कहा कि वह सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फिल्म का प्रदर्शन रोकने की कोशिश करेंगे और ब्राज़ील तथा कनाडा के टोरंटो समेत अन्य महोत्सवों से भी इसे वापस लेने का अनुरोध करने की योजना है। पीपुल्स पावर पार्टी की वरिष्ठ प्रवक्ता चोई बो-यून ने बताया कि इस पहल में शामिल होने की इच्छा जताने वाले सांसदों की राय लेने के बाद पार्टी के संसदीय दल के भीतर पत्र भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। पार्टी अध्यक्ष चांग डोंग-ह्युक ने 5 अक्टूबर को उत्तर चुंगचॉन्ग प्रांत के ओकचॉन में युक योंग-सु के पैतृक घर जाने का फैसला किया।
पीपुल्स पावर पार्टी ने यह कहते हुए कि फिल्म में इंडस्ट्रियल बैंक ऑफ कोरिया (기업은행) और कोरिया डेवलपमेंट बैंक (산업은행) ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निवेश किया है, ली जे-म्युंग सरकार के हस्तक्षेप का आरोप लगाया। पार्टी ने फिल्म की रेटिंग को लेकर जनमत में हेरफेर किए जाने का संदेह भी जताया। हालांकि, रेटिंग के मामले में खबर में एक अलग तथ्य भी दिया गया। नावर (네이버) ने घोषणा की कि कुछ फिल्मों पर असामान्य ट्रैफ़िक मिलने के बाद उसने जांच का अनुरोध किया था। उसने यह भी कहा कि ‘असैसिन्स’ में ‘पसंद’ और ‘नापसंद’ को बार-बार दर्ज करने की गड़बड़ी की अवधि के दौरान स्वचालित दुरुपयोग पाया गया, इसलिए अस्थायी रूप से डिफ़ॉल्ट क्रम को ‘नवीनतम पहले’ में बदल दिया गया। केवल इन जानकारियों से यह पुष्टि नहीं होती कि किसने और किस मकसद से हस्तक्षेप किया।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया विदेशी प्रदर्शन रद्द करने की मांग और कानूनी कार्रवाई पर विचार करने तक पहुंच गई। खबरों के अनुसार, पीपुल्स पावर पार्टी मृतक की मानहानि (사자명예훼손) या प्रदर्शन पर रोक लगाने की अस्थायी निषेधाज्ञा (상영금지 가처분) के लिए आवेदन करने पर भी विचार कर रही है, लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई कि वास्तव में कोई शिकायत दर्ज की गई या आवेदन दिया गया। इस बीच, न्यू फ्रीडम यूनियन और बेलाडो समेत रूढ़िवादी संगठनों के सदस्यों ने यू हे-जिन के घर के बाहर फिल्म का प्रदर्शन रोकने, जनता से माफी मांगने और दोबारा ऐसा न होने देने का वादा करने की मांग की। बताया गया कि उन्होंने बर्गर किंग और की움 सिक्योरिटीज़ समेत उन कंपनियों के बहिष्कार का अभियान भी शुरू किया, जिनके विज्ञापनों में वह काम करते हैं।
राजनीतिक आलोचना के विरोध में भी आवाजें उठीं। डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया (더불어민주당) की संसदीय दल की प्रवक्ता जॉन यून-सू ने आलोचना करते हुए कहा कि राजनीति का सांस्कृतिक कला में दखल देकर यह तय करना कि क्या दिखाया जाएगा, सेंसरशिप है। जो कुक इनोवेशन पार्टी (조국혁신당) के इनोवेशन नीति संस्थान के प्रमुख जो कुक ने संबंधित सरकारी संस्थाओं के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने का सुझाव दिया। कोरियाई फिल्म निर्देशक संघ (한국영화감독조합) ने कहा कि किसी कृति की आलोचना और उसके रचनाकार को निशाना बनाकर किए गए हमले में फर्क किया जाना चाहिए, और आलोचना इस तरह नहीं होनी चाहिए कि रचनाकार का जीवन और रोज़गार तबाह हो जाए। कोरियाई फिल्म निर्माता संघ (한국영화제작가협회) और कोरियाई फिल्म निर्माता-निर्देशक संघ (한국영화프로듀서조합) ने भी चिंता जताई कि राजनीतिक हमले में शामिल कलाकारों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने तक जा रहे हैं।
इस खबर का मतलब
पहली बात, ध्यान देने योग्य है कि विवाद का दायरा फिल्म की विषयवस्तु से बढ़कर विदेशी प्रदर्शन तक फैल गया है। प्रदर्शन रद्द करने का अनुरोध अपने आप में फिल्म महोत्सव का फैसला नहीं बदलता, लेकिन चूंकि यह राजनीतिक दलों की ओर से विदेशी सांस्कृतिक आयोजनों के सामने सीधे अपनी राय रखने की कोशिश है, इसलिए यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप की सीमाओं पर सवाल उठाता है। पीपुल्स पावर पार्टी का दावा है कि फिल्म इतिहास को तोड़-मरोड़ती है और अधिकांश नागरिक इससे असहज हैं; वहीं संसदीय दल की प्रवक्ता जॉन यून-सू ने आलोचना की कि प्रदर्शन का फैसला भी राजनीति करने की कोशिश सेंसरशिप है। दोनों पक्षों के बीच मतभेद को तथ्यों को लेकर मतभेद के बजाय इस सवाल पर टकराव के रूप में समझा जा सकता है कि फिल्म में राजनीतिक हस्तक्षेप की अनुमति कहां तक होनी चाहिए।
दूसरी बात, किसी कृति की आलोचना और उसमें शामिल लोगों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई से प्रभावित होने वाले पक्ष अलग-अलग होते हैं। फिल्म निर्देशक संघ ने कहा कि रचनाकारों को अपनी कृति की आलोचना का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उस आलोचना से उनका निजी जीवन और रोज़गार तबाह नहीं होना चाहिए। घर के बाहर प्रदर्शन और विज्ञापन कंपनियों के बहिष्कार के अभियान के बीच, विवाद दर्शकों की राय से आगे बढ़कर अभिनेता और रचनाकारों की सुरक्षा तथा उनके काम को भी प्रभावित कर सकता है। यह खबर में बताई गई कार्रवाइयों के दायरे से निकली चिंता है, न कि यह फैसला कि प्रदर्शन या बहिष्कार अभियान कानूनन गैरकानूनी हैं।
तीसरी बात, दर्शकों और नागरिकों के लिए आरोपों और पुष्ट तथ्यों को अलग-अलग समझना अहम है। उदाहरण के लिए, अगर ऑनलाइन यह दावा दिखे कि किसी खास फिल्म की रेटिंग में हेरफेर किया गया है, तो किसी राजनीतिक दल द्वारा जताए गए संदेह और प्लेटफ़ॉर्म द्वारा पुष्टि की गई तकनीकी अनियमितता को एक ही बात न मानें। अलग से जांचें कि किस बात की पुष्टि हुई है और यह काम किसने किया। खबर में नावर की घोषणा में स्वचालित दुरुपयोग की पुष्टि की गई है, लेकिन उसके पीछे कौन था या उसका मकसद क्या था, यह नहीं बताया गया।
संबंधित कानून और सहायता संबंधी जानकारी
पीपुल्स पावर पार्टी जिन कानूनी कार्रवाइयों पर विचार कर रही है, ऐसी खबरों में मानहानि और अस्थायी निषेधाज्ञा से जुड़े मुद्दों को अलग-अलग परखना होगा। कानूनी मार्गदर्शिका के अनुसार, मानहानि का मुख्य सवाल यह है कि क्या किसी खास व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा को कम करने वाले ठोस तथ्य सार्वजनिक रूप से प्रकट किए गए; अपमान (모욕) के मामले में सवाल यह है कि क्या किसी तथ्य का उल्लेख किए बिना तिरस्कार की भावना व्यक्त की गई। अभिव्यक्ति की सामग्री और संदर्भ, यह कि क्या संबंधित व्यक्ति की पहचान हो सकती है, क्या बात कई लोगों तक पहुंचने की संभावना थी, और क्या मामला जनहित में था—इन सबको साथ देखकर फैसला करना होता है। इसलिए, सिर्फ फिल्म की आलोचना या उससे संबंधित बयानों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
हालांकि, उपलब्ध कानूनी मार्गदर्शिका केवल मानहानि और अपमान के सामान्य आकलन के मानदंड समझाती है; उसमें इस मामले में उठाए गए मृतक की मानहानि के अपराध के लागू होने की कोई विशिष्ट जांच शामिल नहीं है। इसलिए इसे इस निष्कर्ष के आधार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता कि फिल्म या राजनीतिक दलों के बयान उस अपराध के दायरे में आते हैं। मुद्दे को सीमित करने के लिए यह पुष्टि जरूरी है कि वास्तव में कोई कार्रवाई हुई या नहीं, आपत्ति किस अभिव्यक्ति पर है और संबंधित पक्ष कौन हैं।
अस्थायी निषेधाज्ञा मुकदमे में अंतिम फैसला आने से पहले अधिकारों को सुरक्षित रखने या कानूनी संबंधों के लिए खतरे को रोकने का एक अंतरिम उपाय है। लेकिन सिर्फ यह तथ्य कि प्रदर्शन पर रोक लगाने की अस्थायी निषेधाज्ञा का जिक्र हुआ, इसका मतलब नहीं कि आवेदन दिया गया था या कोई आदेश जारी हुआ था। इसकी वास्तविक प्रभावशीलता आवेदन की सामग्री, सुरक्षित रखे जाने वाले अधिकार और आदेश लागू किए जाने समेत अन्य बातों पर निर्भर करती है। उपलब्ध निषेधाज्ञा मार्गदर्शिका भी सामान्य सिद्धांत समझाने वाली सामग्री है; वह इस सवाल का फैसला नहीं करती कि फिल्म का प्रदर्शन रोका जा सकता है या नहीं।
खबरों में कानूनी कार्रवाई पर विचार करने की योजना का उल्लेख है। वास्तविक शिकायत या अस्थायी निषेधाज्ञा के आवेदन अथवा अदालत के फैसले की पुष्टि होने तक यह मान लेना जरूरी नहीं कि कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
खबरों में अलग-अलग बताई गई बातें
दो खबरों में पत्र भेजने की प्रक्रिया के चरणों का विवरण अलग-अलग है। एक खबर के अनुसार, सांसद जू जिन-वू ने फिल्म महोत्सव के आयोजकों को दस्तावेज़ पहले ही भेज दिए थे, जबकि पीपुल्स पावर पार्टी के सभी सांसदों के नाम से पत्र संसदीय नेतृत्व के माध्यम से जमा करने की योजना थी। दूसरी खबर में बताया गया कि सांसदों की राय लेने के बाद पार्टी के संसदीय दल के भीतर पत्र भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला किया गया।
पुष्ट तथ्य और वे बातें जो अभी अज्ञात हैं
पुष्ट तथ्य
- पीपुल्स पावर पार्टी ने ‘असैसिन्स’ को सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की उद्घाटन फिल्म के रूप में दिखाए जाने को रद्द करने का अनुरोध करने वाला पत्र भेजने की पहल की और कहा कि वह अन्य अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों से भी अनुरोध करने की योजना बना रही है।
- रूढ़िवादी संगठनों के लगभग 50 सदस्यों ने 4 अक्टूबर को यू हे-जिन के घर के बाहर प्रदर्शन कर फिल्म का प्रदर्शन रोकने और माफी मांगने जैसी मांगें कीं।
- खबरों में बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने उन कंपनियों का बहिष्कार अभियान शुरू किया, जिनके विज्ञापनों में यू हे-जिन काम करते हैं।
- फिल्म निर्देशक संघ तथा निर्माता और प्रोड्यूसर संगठनों ने रचनाकारों और इसमें शामिल कलाकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
- फिल्म ने रिलीज़ के 11वें दिन, 3 अक्टूबर को, 20 लाख दर्शकों का आंकड़ा पार किया।
अभी अज्ञात बातें
- खबरों से यह पुष्टि नहीं हुई कि सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और ब्राज़ील तथा टोरंटो समेत अन्य फिल्म महोत्सवों ने प्रदर्शन रद्द करने के अनुरोधों पर क्या जवाब दिया।
- यह पुष्टि नहीं हुई कि पीपुल्स पावर पार्टी ने मृतक की मानहानि के आरोप में शिकायत दर्ज की या प्रदर्शन पर रोक लगाने की अस्थायी निषेधाज्ञा के लिए आवेदन दिया।
- दी गई जानकारी से यह पता नहीं चलता कि रेटिंग से जुड़ा स्वचालित दुरुपयोग किसने किया और उसका मकसद क्या था।
पाठकों को क्या जांचना चाहिए
- विदेशी फिल्म महोत्सवों में फिल्म के प्रदर्शन की स्थिति देखते समय, प्रदर्शन रद्द करने के अनुरोध की खबर और महोत्सव का आधिकारिक फैसला या जवाब अलग-अलग समझें।
- कानूनी कार्रवाई से जुड़ी आगे की खबरों में ध्यान रखें कि विचार करना, वास्तव में आवेदन या शिकायत दर्ज करना, और अदालत का फैसला—ये अलग-अलग चरण हैं।
- रेटिंग में हेरफेर के आरोपों के बारे में पढ़ते समय, राजनीतिक दल के दावे, प्लेटफ़ॉर्म द्वारा पुष्टि की गई तकनीकी अनियमितता और कार्रवाई करने वाले व्यक्ति तथा उसके मकसद के बारे में पुष्ट तथ्यों को अलग-अलग जांचें।
संदर्भ
- मान-सम्मान से संबंधित अपराध: मानहानि और अपमान के अपराधों की मार्गदर्शिका
- अंतरिम निषेधाज्ञा के आवेदन, प्रवर्तन और रद्दीकरण की मुख्य मार्गदर्शिका
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: hani.co.kr
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: hani.co.kr




















