अमेरिकी फिल्म निर्देशक जेरेमी वर्कमैन ने बुसान के गांगसो जिले में स्थित जांगदाह्योन मिडिल-हाई स्कूल का परिचय देते हुए ‘स्कूल फॉर डिफेक्टर्स’ डॉक्यूमेंट्री बनाई। इसमें उत्तर कोरिया से आए छात्रों को दक्षिण कोरिया में अपनी पहचान और सपने तलाशते दिखाया गया है। इस फिल्म को बोस्टन स्वतंत्र फिल्म महोत्सव के जूरी ग्रैंड पुरस्कार समेत अमेरिका और कनाडा के फिल्म महोत्सवों में 5 पुरस्कार मिले। पुरस्कारों की खबर से न केवल फिल्म के मुख्य पात्रों—छात्रों—पर, बल्कि उनके लिए वैकल्पिक शिक्षा की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई, इस पर भी ध्यान जाता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

जांगदाह्योन मिडिल-हाई स्कूल की स्थापना उन लोगों ने की थी जिन्हें यह देखकर दुख होता था कि उत्तर कोरिया से भागकर अपने माता-पिता के साथ दक्षिण कोरिया आए किशोर सांस्कृतिक अंतर और पढ़ाई के स्तर में अंतर जैसी कठिनाइयों के कारण पढ़ाई और अपने सपनों को छोड़ रहे थे। शुरुआत में स्कूल की कक्षाएँ आसपास के मिडिल और हाई स्कूलों में नामांकन के आधार पर चलती थीं।

बुसान महानगर शिक्षा कार्यालय (부산시교육청) ने विश्वविद्यालय में दाखिले के नतीजों, पाठ्यक्रम और छात्र गतिविधियों तथा संचालन की पारदर्शिता को मान्यता देते हुए इसे 2022 में बुसान का पहला निजी वैकल्पिक स्कूल (विविध विद्यालय, 각종학교) बनने की मंजूरी दी। जांगदाह्योन मिडिल-हाई स्कूल दूसरी बार मार्च 2023 में खुला। इसके स्नातकों को मिडिल और हाई स्कूल की समकक्षता परीक्षा दिए बिना औपचारिक शैक्षणिक योग्यता मान्य होती है। लेख के अनुसार, देशभर में उत्तर कोरिया से आए छात्रों के लिए ऐसे केवल चार वैकल्पिक स्कूल हैं जिनके छात्रों की औपचारिक शैक्षणिक योग्यता इसी तरह मान्य होती है।

निर्देशक वर्कमैन ने 2023 में बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान स्कूल का दौरा किया था। वह उत्तर कोरिया से आए छात्रों को दक्षिण कोरिया में अपनी पहचान और सपने तलाशते हुए दिखाना चाहते थे। फिल्म का निर्माण शुरू होने के डेढ़ साल बाद यह पूरी हुई।

फिल्म को मिले पुरस्कार हैं: बोस्टन स्वतंत्र फिल्म महोत्सव का जूरी ग्रैंड पुरस्कार, डेडसेंटर फिल्म महोत्सव का फीचर डॉक्यूमेंट्री जूरी विशेष पुरस्कार, फ्लिकर्स रोड आइलैंड अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का निर्देशक चयन पुरस्कार, कैलगरी अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के लिए जूरी ग्रैंड पुरस्कार और मिस्टिक फिल्म महोत्सव का डॉक्यूमेंट्री फिल्म में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार। जांगदाह्योन मिडिल-हाई स्कूल के प्राचार्य इम चांग-हो ने कहा कि शायद विदेशियों ने इस बात को सकारात्मक रूप से लिया कि उत्तर कोरिया से आए छात्र उज्ज्वल और आशावान जीवन जी रहे हैं।

इस खबर का महत्व

फिल्म में स्कूल के शैक्षिक माहौल और छात्रों के विकास की प्रक्रिया दिखाई गई है। स्कूल को औपचारिक शैक्षणिक योग्यता देने की मान्यता कैसे मिली और छात्रों ने आगे की पढ़ाई में कैसा प्रदर्शन किया—ये बातें फिल्म की कहानी का शैक्षिक संदर्भ समझाती हैं। हालांकि, यह कहने का कोई आधार नहीं है कि ये तथ्य फिल्म को पुरस्कार मिलने की वजह थे।

लेख लिखे जाने के समय स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों में 7 मिडिल स्कूल के और 12 हाई स्कूल के छात्र थे—कुल 19 विद्यार्थी। पिछले 12 वर्षों में हाई स्कूल से स्नातक हुए 33 विद्यार्थियों में से 30 ने विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। पूर्व छात्रा जांग उन-सुक 2013 में 16 साल की उम्र में उत्तर कोरिया से भागकर दक्षिण कोरिया में बस गई थीं। 2014 में स्कूल में दाखिला लेने के बाद, 2017 में उन्होंने कोरिया विश्वविद्यालय के राजनीति और कूटनीति विभाग में प्रवेश लिया। बाद में उन्हें फुलब्राइट स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति (풀브라이트 대학원 장학금) के लिए चुना गया और उन्होंने अमेरिका के ब्रैंडाइस विश्वविद्यालय में सतत अंतरराष्ट्रीय विकास में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। लेख लिखे जाने के समय वह वॉशिंगटन डीसी स्थित हडसन संस्थान में इंटर्न शोधकर्ता के रूप में काम कर रही थीं।

मिसाल के तौर पर, अगर सांस्कृतिक अंतर या पढ़ाई के स्तर में अंतर के कारण दक्षिण कोरिया में स्कूल जीवन और आगे की पढ़ाई को लेकर परेशान कोई उत्तर कोरियाई किशोर हो, तो यह उदाहरण दिखा सकता है कि वैकल्पिक स्कूल औपचारिक शैक्षणिक योग्यता और विश्वविद्यालय में दाखिले तक पहुँचने का एक शैक्षिक रास्ता हो सकते हैं। हालांकि, किसी एक स्नातक का अनुभव या पूरे स्कूल के दाखिले के नतीजे हर छात्र के लिए एक जैसे परिणाम की गारंटी नहीं देते।

पुष्ट तथ्य और जो बातें अभी ज्ञात नहीं हैं

पुष्ट तथ्य

  • ‘स्कूल फॉर डिफेक्टर्स’ एक डॉक्यूमेंट्री है, जिसमें उत्तर कोरिया से आए छात्रों को दक्षिण कोरिया में अपनी पहचान और सपने तलाशते दिखाया गया है।
  • फिल्म को अमेरिका और कनाडा के फिल्म महोत्सवों में जूरी ग्रैंड पुरस्कार और निर्देशक पुरस्कार समेत 5 पुरस्कार मिले।
  • जांगदाह्योन मिडिल-हाई स्कूल को 2022 में बुसान का पहला निजी वैकल्पिक स्कूल बनने की मंजूरी मिली और यह मार्च 2023 में दूसरी बार खुला।
  • लेख लिखे जाने के समय स्कूल में 19 विद्यार्थी थे। पिछले 12 वर्षों में हाई स्कूल से स्नातक हुए 33 विद्यार्थियों में से 30 ने विश्वविद्यालय में दाखिला लिया।

जो बातें अभी ज्ञात नहीं हैं

  • ‘स्कूल फॉर डिफेक्टर्स’ की सामान्य सिनेमाघरों में रिलीज या ऑनलाइन उपलब्धता की तारीख मूल लेख में नहीं दी गई है।
  • फिल्म महोत्सवों में पुरस्कार मिलने के बाद फिल्म देखने के अवसर कैसे उपलब्ध होंगे, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
  • स्कूल में दाखिले के लिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया का विवरण मूल लेख में नहीं दिया गया है।

पाठकों के लिए जाँचने योग्य बातें

  • जो पाठक फिल्म देखना चाहते हैं, उन्हें यह जाँचने के लिए संबंधित आधिकारिक सूचनाएँ देखनी चाहिए कि इसकी स्क्रीनिंग या ऑनलाइन रिलीज की तारीख घोषित हुई है या नहीं।
  • स्कूल में दाखिले पर विचार कर रहे छात्रों और अभिभावकों को औपचारिक शैक्षणिक योग्यता की मान्यता तथा प्रवेश की पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी स्कूल या शिक्षा अधिकारियों से सीधे लेनी चाहिए।
  • दाखिले के आँकड़े पुराने स्नातकों के नतीजे हैं, इसलिए हर छात्र के लिए लागू पाठ्यक्रम और सहायता की जानकारी अलग से देखना आवश्यक है।