सियोल के डोंगदेमुन-गु (동대문구) स्थित 답십리 प्राचीन कला बाज़ार पारंपरिक एंटीक वस्तुओं को देखने की जगह से आगे बढ़कर युवाओं और विदेशी पर्यटकों का सांस्कृतिक यात्रा-स्थल बन रहा है। साम्ही अपार्टमेंट के भवन 2, 3, 5 और 6 के बाज़ारों में 140 से अधिक दुकानें हैं। डोंगदेमुन-गु के आँकड़ों के अनुसार, यह बाज़ार 1980 के दशक की शुरुआत से विकसित हुआ और यहाँ प्राचीन कला की लगभग 250,000 वस्तुएँ हैं। यहाँ का आज का नज़ारा पुरानी दुकानों और हाल में खुली छोटी सजावटी वस्तुओं की दुकानों, क्यूरेशन शॉप तथा प्रदर्शनी स्थलों का मेल है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
답십리 प्राचीन कला बाज़ार तक सियोल मेट्रो की लाइन 5 के 답십리 स्टेशन के निकास नंबर 1 से पहुँचा जा सकता है। बाज़ार का केंद्र अपार्टमेंट परिसर के भीतर है, लेकिन वहाँ अलग-अलग काल और उपयोग की वस्तुओं की दुकानें एक साथ हैं। यहाँ लकड़ी की नक्काशी वाली गुड़िया और स्याही रखने के बर्तन जैसी छोटी चीज़ों से लेकर 문갑 और श्रृंगार-मेज़ जैसे फर्नीचर तक देखा जा सकता है।
बाज़ार के बनने की पृष्ठभूमि में प्राचीन कला के व्यापारियों का एक जगह इकट्ठा होना शामिल है। लेख में उद्धृत विवरण के अनुसार, व्यापारी 황학동, 신설동 और 인사동 आदि जगहों पर बिखरे हुए थे। 인사동 में किराया बढ़ने और चेओंग्ग्येचोन में निर्माण कार्य जैसे बदलावों के बाद, वे 1980 के दशक की शुरुआत में यहाँ आकर इकट्ठा हुए। डोंगदेमुन-गु के आँकड़ों के मुताबिक, बाज़ार भी इसी समय से विकसित हुआ।
हालाँकि, बाज़ार की इमारत की शुरुआत के बारे में एक कहानी दुकान के प्रतिनिधि के हवाले से बताई गई है। येम्योंगदांग के प्रतिनिधि जोंग योंग-सॉप ने कहा कि एशियाई विकास बैंक (ADB, 아시아개발은행) के ऋण से बनी दो-मंज़िला अपार्टमेंट-शैली की फैक्टरी बिक नहीं पाई, इसलिए उसका डिज़ाइन बदलकर उसे बाज़ार-अपार्टमेंट बना दिया गया। यह बाज़ार के बनने की पृष्ठभूमि के बारे में प्रतिनिधि की ओर से सुनाया गया विवरण है; इसे बाज़ार के आधिकारिक इतिहास के समान मानकर निश्चित नहीं कहा जा सकता।
बाज़ार में बदलाव का मतलब केवल पुरानी दुकानों का गायब होकर उनकी जगह नए कारोबारों का आना नहीं है। ‘जंगमिबांग’ को ली जॉम-सुक 30 साल से चला रही हैं और उनके पति यून गाब-योंग भी दूसरे भवन में इसी नाम की दुकान 40 साल से अधिक समय से चला रहे हैं। ली ने कहा कि पहले आम लोगों का यहाँ आना दुर्लभ था, लेकिन पिछले साल से बड़ी संख्या में युवा आने लगे।
इस खबर का अर्थ
यह बात ध्यान खींचती है कि यहाँ आने की वजह केवल प्राचीन वस्तुएँ खरीदना नहीं है। जर्मनी से आए यात्री टिल श्पुर्नी ने लेख में कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया का एक वीडियो देखकर 답십리 प्राचीन कला बाज़ार को कोरिया की अपनी यात्रा-सूची में शामिल किया। यह इस बात का उदाहरण है कि पुरानी वस्तुओं को प्रत्यक्ष रूप से देखना और दुकानदारों से आमने-सामने मिलना भी यात्रा का उद्देश्य हो सकता है।
आगंतुकों में बदलाव में नई दुकानें और जगहें भी योगदान दे रही हैं। पिछले साल से गो बोकही और होबाक फोक आर्ट गैलरी जैसी छोटी सजावटी वस्तुओं की दुकानें तथा प्राचीन कला का क्यूरेशन शॉप ‘ओब’ खुला है। जो आगंतुक पुरानी प्राचीन कला की दुकानों से परिचित नहीं हैं, वे भी सजावटी वस्तुओं या प्रदर्शनी के बहाने बाज़ार घूम सकते हैं। इससे बाज़ार में आने-जाने के तरीकों का विस्तार हो सकता है।
येम्योंगदांग में चाय का अनुभव दिखाता है कि यह बदलाव केवल ‘युवा रुचियों वाली दुकानों की संख्या बढ़ने’ की कहानी नहीं है। जांग ओक-सुन दोपहर 1 बजे से दुकान में माचा बनाती हैं। उन्होंने कहा कि आगंतुकों को चाय परोसने का चाय-समारोह कोई शुल्क लेकर चलाया जाने वाला कार्यक्रम नहीं, बल्कि दुकान में अचानक आ जाने वाले ग्राहकों से मुलाक़ात के समय होने वाला एक आयोजन है। इस तरह एक ही जगह में प्राचीन वस्तुओं को देखने और चाय साझा करने की मुलाक़ात का अनुभव मिलता है।
हालाँकि, ऐसा कोई आधार नहीं है जिससे कहा जा सके कि पूरा बाज़ार किसी तयशुदा दर्शक-कार्यक्रम या एक ही संचालन-व्यवस्था के तहत चलता है। 전파상회 जैसी कुछ जगहें केवल आरक्षण पर चलती हैं, जबकि येम्योंगदांग में चाय समारोह जैसा अनुभव अचानक हुई मुलाक़ात के रूप में मिलता है।
उदाहरण के लिए, 전파상회 का विंटेज ऑडियो देखने के इच्छुक आगंतुक को सीधे वहाँ जाने के बजाय यह ध्यान रखना चाहिए कि वहाँ आरक्षण आवश्यक है और इंस्टाग्राम के ज़रिए आवेदन करने का तरीका देख लेना चाहिए। दूसरी ओर, लेख में येम्योंगदांग के चाय-अनुभव को ऐसे सशुल्क कार्यक्रम के रूप में पेश नहीं किया गया है जिसमें आरक्षण करके हिस्सा लिया जाए। यानी यात्रा के उद्देश्य के अनुसार पहले से जानकारी जाँचने की ज़रूरत अलग-अलग है।
पुष्ट तथ्य और जो बातें अभी अज्ञात हैं
पुष्ट तथ्य
- यह बाज़ार सियोल के डोंगदेमुन-गु में साम्ही अपार्टमेंट के भवन 2, 3, 5 और 6 के बाज़ारों में है और 답십리 स्टेशन के निकास नंबर 1 से पहुँचा जा सकता है।
- डोंगदेमुन-गु के आँकड़ों का हवाला देने वाले लेख के अनुसार, बाज़ार 1980 के दशक की शुरुआत से विकसित हुआ है और यहाँ प्राचीन कला की लगभग 250,000 वस्तुएँ तथा 140 से अधिक दुकानें हैं।
- जंगमिबांग की ली जॉम-सुक 30 साल से दुकान चला रही हैं और उनके पति यून गाब-योंग दूसरे भवन में इसी नाम की दुकान 40 साल से अधिक समय से चला रहे हैं।
- पिछले साल से छोटी सजावटी वस्तुओं की दुकानें और प्राचीन कला का क्यूरेशन शॉप खुले हैं। भवन 5 में चाय-समारोह और प्रदर्शनियों का आयोजन करने वाला डीडीडी स्पेस हाल ही में खुला है।
- 전파상회 आरक्षण के आधार पर चलता है और आवेदन 전파상회 के इंस्टाग्राम के ज़रिए किया जा सकता है।
अभी अज्ञात बातें
- लेख में अलग-अलग दुकानों के खुलने का समय और छुट्टी के दिन नहीं बताए गए हैं।
- प्राचीन वस्तुओं की कीमतों की सीमा और असली होने की पुष्टि करने के ठोस तरीके भी नहीं समझाए गए हैं।
- युवा आगंतुकों या विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी का पैमाना और पूरे बाज़ार में आगंतुकों की संख्या का रुझान नहीं दिया गया है।
पाठकों को किन बातों की जाँच करनी चाहिए
- जाने से पहले अपनी पसंद की दुकान के खुलने का समय और छुट्टी के दिन जाँच लें। लेख में पूरे बाज़ार के संचालन का समय नहीं दिया गया है, इसलिए हर दुकान की जानकारी अलग से देखना ज़रूरी है।
- 전파상회 जाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था और इंस्टाग्राम से आवेदन करने का तरीका जाँच लें। येम्योंगदांग के चाय-समारोह को सशुल्क कार्यक्रम के बजाय अचानक हुई मुलाक़ात के रूप में बताया गया है, इसलिए उसे किसी नियमित कार्यक्रम की तरह मानकर चलना ठीक नहीं होगा।
- प्राचीन वस्तु खरीदने की स्थिति में केवल लेख के आधार पर उसकी कीमत या प्रामाणिकता का आकलन नहीं किया जा सकता। खरीदने से पहले विक्रेता से वस्तु का विवरण और लेन-देन की शर्तें पूछें, और जिन बातों की पुष्टि नहीं हुई है उन्हें पुष्ट तथ्य न मानें।




















