बुसान अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (부산국제영화제, BIFF) का 31वाँ आयोजन मंगलवार को बुसान में शुरू हुआ और 10 दिनों तक चलेगा। इस साल का महोत्सव 15 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला है। आयोजकों के अनुसार, आधिकारिक रूप से आमंत्रित फ़िल्में 59 देशों की 247 हैं। यह 2019 के बाद का सबसे बड़ा आयोजन है और आमंत्रित फ़िल्मों में से 95 का BIFF में पहली बार प्रदर्शन होगा—यानी उनका विश्व प्रीमियर।

इस साल BIFF को खास तौर पर इसलिए ध्यान मिल रहा है क्योंकि इसे पहली बार अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म निर्माता संघ (FIAPF) की ए-लिस्ट फ़िल्म महोत्सवों में शामिल किया गया है। बुसान पुरस्कार को अकादमी के अंतरराष्ट्रीय फीचर फ़िल्म पुरस्कार में भेजे जाने की पात्रता से जोड़ना भी ऐसा बदलाव है जिससे महोत्सव की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और विजेता फ़िल्म के आगे बढ़ने की संभावना बढ़ती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

FIAPF ने BIFF को 17 ए-लिस्ट फ़िल्म महोत्सवों में से एक चुना है। इस सूची में कान, बर्लिन और वेनिस फ़िल्म महोत्सव भी शामिल हैं। इसे BIFF को अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव व्यवस्था में मिली नई मान्यता के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से ए-लिस्ट में चयन के मानदंड या उससे मिलने वाले ठोस लाभों की पुष्टि नहीं की जा सकती।

इसके अलावा, अमेरिकी एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज़ ने उन छह फ़िल्म महोत्सवों में BIFF को शामिल किया है, जिनके बुसान पुरस्कार की सर्वोच्च विजेता फ़िल्म को अकादमी के अंतरराष्ट्रीय फीचर फ़िल्म पुरस्कार में भेजे जाने की पात्रता मिलती है। यहाँ मुख्य बात ‘भेजे जाने की पात्रता’ है। इसका अर्थ यह नहीं है कि बुसान पुरस्कार विजेता फ़िल्म अपने-आप अकादमी की नामांकित फ़िल्म या विजेता बन जाएगी।

बुसान पुरस्कार विजेता फ़िल्म का चयन 14 दावेदार फ़िल्मों में से निर्देशक झांग यिमोउ की अगुवाई वाली सात सदस्यीय निर्णायक मंडली करेगी। इसलिए महोत्सव पर बढ़ते ध्यान के साथ यह भी दिलचस्पी का विषय है कि कौन-सी फ़िल्म सर्वोच्च पुरस्कार जीतकर भेजे जाने की पात्रता पाएगी।

इस खबर का अर्थ

BIFF का ए-लिस्ट में चयन इस मायने में अहम है कि महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मंचों में जगह मिली है। 59 देशों की 247 आमंत्रित फ़िल्में और 95 विश्व प्रीमियर इस साल के आयोजन के पैमाने और नई फ़िल्मों को पहली बार दिखाने के मंच को दर्शाते हैं। इसके साथ बुसान पुरस्कार की सर्वोच्च विजेता फ़िल्म को अकादमी में भेजे जाने की पात्रता मिलने से BIFF के प्रतिस्पर्धी नतीजे महोत्सव के पुरस्कार तक सीमित नहीं रहेंगे और उनके अगले चरण तक पहुँचने की संभावना बनेगी।

हालांकि, संभावना और नतीजे में फर्क करना चाहिए। ए-लिस्ट में शामिल होना BIFF की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़ा बदलाव है, जबकि अकादमी से जुड़ी बात सर्वोच्च पुरस्कार विजेता फ़िल्म को भेजे जाने की पात्रता है। उपलब्ध जानकारी से यह नहीं पता चलता कि कौन-सी फ़िल्म पुरस्कार जीतेगी या भेजे जाने के बाद उसे क्या नतीजा मिलेगा।

मिसाल के तौर पर, अगर 14 दावेदार फ़िल्मों में से किसी एक को बुसान पुरस्कार का सर्वोच्च सम्मान मिलता है, तो वह फ़िल्म अकादमी के अंतरराष्ट्रीय फीचर फ़िल्म पुरस्कार में भेजे जाने की पात्रता हासिल करेगी। इसका मतलब है कि उसे भेजने का रास्ता खुलता है—यह नहीं कि उसका नामांकन या जीत तय हो गई है।

पुष्ट तथ्य और जो बातें अभी अज्ञात हैं

पुष्ट तथ्य

  • BIFF का 31वाँ आयोजन मंगलवार को बुसान में शुरू हुआ, 10 दिनों तक चलेगा और 15 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला है।
  • आधिकारिक रूप से आमंत्रित फ़िल्में 59 देशों की 247 हैं। यह 2019 के बाद का सबसे बड़ा आयोजन है।
  • आमंत्रित फ़िल्मों में से 95 का BIFF में विश्व प्रीमियर होगा।
  • BIFF को FIAPF द्वारा चुने गए 17 ए-लिस्ट फ़िल्म महोत्सवों में पहली बार शामिल किया गया है।
  • निर्देशक झांग यिमोउ की अगुवाई वाली सात सदस्यीय निर्णायक मंडली 14 दावेदार फ़िल्मों में से बुसान पुरस्कार विजेता फ़िल्म चुनेगी।

जो बातें अभी अज्ञात हैं

  • इस साल के महोत्सव का सटीक आयोजन-वर्ष और मंगलवार की तारीख उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
  • बुसान पुरस्कार के 14 दावेदारों के नाम और अंतिम पुरस्कार परिणाम की पुष्टि नहीं हुई है।
  • यह पता नहीं है कि सर्वोच्च पुरस्कार विजेता फ़िल्म को वास्तव में अकादमी में भेजा जाएगा या नहीं, और भेजे जाने के बाद उसे क्या नतीजा मिलेगा।

पाठकों को किन बातों की जाँच करनी चाहिए

  • अगर आप महोत्सव का कार्यक्रम या फ़िल्म देखने की योजना बना रहे हैं, तो आयोजन-वर्ष और मंगलवार की सटीक तारीख अलग से जाँच लें। दी गई जानकारी में ये दोनों बातें स्पष्ट नहीं हैं।
  • बुसान पुरस्कार के दावेदारों और नतीजों की जानकारी लेते समय यह देखें कि 14 फ़िल्मों में से किसने सर्वोच्च पुरस्कार जीता। इससे पता चलेगा कि कौन-सी फ़िल्म अकादमी में भेजे जाने की पात्रता से जुड़ी है।
  • अकादमी से जुड़ी खबरों में ‘भेजे जाने की पात्रता’ को नामांकन या जीत न समझें; परिणामों की अलग-अलग पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।